Monday, 2 November 2026
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KGMU Me Hindu Doctoro Ke Dharmantaran Ki Baat , Chhat Par Chhutti Mangi To Apman , Namaj Nikah Par Aasani Se Mili Chhutti ! STF Report Me Chaukane Wale Khulase

KGMU Me Hindu Doctoro Ke Dharmantaran Ki Baat , Chhat Par Chhutti Mangi To Apman , Namaj Nikah Par Aasani Se Mili Chhutti ! STF Report Me Chaukane Wale Khulase
KGMU Me Hindu Doctoro Ke Dharmantaran Ki Baat , Chhat Par Chhutti Mangi To Apman , Namaj Nikah Par Aasani Se Mili Chhutti ! STF Report Me Chaukane Wale Khulase

Lucknow KGMU News: लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में महिला डॉक्टरों और कर्मचारियों के कथित यौन शोषण, धर्म परिवर्तन के दबाव और शिकायतों को दबाने के मामले में यूपी एसटीएफ की जांच रिपोर्ट सामने आई है. करीब 10 महीने तक चली जांच के बाद एसटीएफ ने 12 कथित मामलों का उल्लेख करते हुए सात पेज की रिपोर्ट शासन को भेजी है. इसमें पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, रेडियोलॉजी और गांधी वार्ड से जुड़े डॉक्टरों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. रिपोर्ट में विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं. यहां तक कि हिंदू रेजिडेंट डॉक्टरों को छठ पूजा और परिजनों के अंतिम संस्कार जैसे मौकों पर छुट्टी देने में पक्षपात किए जाने का आरोप भी दर्ज है.
KGMU के चार विभाग जांच के दायरे में आए
एसटीएफ की जांच में गांधी वार्ड, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और रेडियोलॉजी विभाग से जुड़े मामले सामने आए. रिपोर्ट के मुताबिक इन विभागों में काम करने वाली महिला डॉक्टरों और कर्मचारियों ने शारीरिक शोषण, उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाए जाने की शिकायतें की थीं. जांच के दौरान इन शिकायतों से जुड़े लोगों और विभागीय अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की गई. रिपोर्ट में कई डॉक्टरों और कर्मचारियों के नाम का उल्लेख है. हालांकि, रिपोर्ट में दर्ज आरोपों पर संबंधित लोगों का पक्ष और मामलों की अंतिम न्यायिक स्थिति सामने आना अभी बाकी है.


छह महिला डॉक्टरों के शोषण का आरोप
रिपोर्ट में पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. रमीजुद्दीन नायक पर कई महिला डॉक्टरों के शोषण और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के आरोपों का जिक्र है. एसटीएफ की रिपोर्ट के मुताबिक उनके खिलाफ शिकायत करने वाली जूनियर डॉक्टर के अलावा आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की एक बैचमेट और अन्य महिला डॉक्टरों ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं. रिपोर्ट में कुल छह महिला डॉक्टरों के शोषण का आरोप बताया गया है. इन शिकायतों की जांच के आधार पर एसटीएफ ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी है. आरोपों पर संबंधित डॉक्टर का जवाब और आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है.
नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारी भी आरोपों के घेरे में
एसटीएफ की रिपोर्ट में गांधी वार्ड के नर्सिंग स्टाफ नफीस पर एक हिंदू महिला कर्मचारी के शारीरिक शोषण और धर्म परिवर्तन के बाद निकाह करने का आरोप दर्ज है. वहीं, फुरकान पर एक महिला कर्मचारी को प्रेम संबंध में फंसाकर निकाह के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया गया है. माइक्रोबायोलॉजी विभाग के कर्मचारी शफात अली खान पर महिला कंप्यूटर ऑपरेटर से छेड़छाड़ और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने की शिकायत का उल्लेख है. रिपोर्ट के मुताबिक शिकायत के बाद पीड़िता को संविदा की नौकरी से हटाए जाने का मामला भी सामने आया. इन सभी आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है.
परीक्षा में फेल करने की धमकी का आरोप
रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. रिजवान पर दो महिला डॉक्टरों को ब्लैकमेल करने और धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शिकायत करने पर उन्हें परीक्षा में फेल करने की धमकी दी गई थी. एसटीएफ ने इन शिकायतों को अपनी जांच रिपोर्ट में शामिल किया है. इस मामले में भी आरोपों को अंतिम रूप से साबित हुआ नहीं माना जा सकता. संबंधित पक्षों का जवाब और आगे की जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी.
छुट्टी देने में पक्षपात पर सवाल
एसटीएफ की रिपोर्ट में पैथोलॉजी विभाग के तत्कालीन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुरेश बाबू, डॉ. सुमायरा कय्यूम और बायोकेमेस्ट्री विभाग के लैब इंचार्ज डॉ. वाहिद अली की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक इन अधिकारियों पर शिकायतों के मामलों में पक्षपात करने और आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप हैं. इसके अलावा हिंदू रेजिडेंट डॉक्टरों को छुट्टी देने में भेदभाव किए जाने की बात भी दर्ज है. आरोप है कि छठ पूजा और परिजनों के अंतिम संस्कार जैसे मौकों पर छुट्टी मांगने वाले डॉक्टरों को अपमानित किया जाता था, जबकि मुस्लिम डॉक्टरों और कर्मचारियों को नमाज और रिश्तेदारों के निकाह के लिए आसानी से छुट्टी मिल जाती थी. इन आरोपों पर भी संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है.
STF ने शासन को भेजी सात पेज की रिपोर्ट
KGMU में कथित यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के दबाव से जुड़ी शिकायतें मिलने के बाद मामले की जांच यूपी एसटीएफ को सौंपी गई थी. इसकी जिम्मेदारी एडिशनल एसपी प्रमेश शुक्ला को दी गई थी. करीब 10 महीने की जांच के बाद एसटीएफ चीफ और एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने सात पेज की संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेजी है. इसमें 12 कथित मामलों और संबंधित लोगों की भूमिका का उल्लेख किया गया है. अब शासन स्तर पर रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और आरोपों की विस्तृत जांच को लेकर फैसला होना है.
इन बातों का भी रिपोर्ट में जिक्र
जांच रिपोर्ट में लखनऊ के एरा मेडिकल कॉलेज और इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ डॉक्टरों और गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, एरा मेडिकल कॉलेज में कई डॉक्टरों के निवेश से जुड़ी जानकारी सामने आई है. इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के फिजियोलॉजी विभाग में काम करने वाले डॉ. नसीम खान की विचारधारा और KGMU में डॉ. जाकिर नायक की विचारधारा के प्रचार-प्रसार से जुड़े दावे भी रिपोर्ट में दर्ज बताए गए हैं. KGMU में आई सर्जन रहीं डॉ. खालिदा नसीम के इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में शामिल होने और बाद में इस्तीफा देने का भी उल्लेख है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली ब्लास्ट के मुख्य आरोपी डॉक्टर शाहीन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उन्होंने इस्तीफा दिया था. इसके अलावा दावा किया गया है कि साल 2013 में KGMU के जिम की दूसरी मंजिल को इबादतखाने में बदला गया था, जहां इटावा, मैनपुरी और करहल से मौलाना आकर तकरीर करते थे. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है.

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